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भगवत्-प्रेम की विधि (Bhagavat Prem ki Vidhi - Hindi)

प्रेमके वास्तविक अर्थ एवं परमार्थके सारको निर्देश करनेवाली पुस्तिका 

A booklet on the real meaning of love, the essence of true spirituality

  • Author: Srimad Bhaktivedanta Narayana Gosvami Maharaja
  • Publisher: 2013, Gaudiya Vedanta Prakashan
  • Binding: Paperback
  • Pages: 30, Illustrated
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श्रीमद्भक्तिवेदान्त नारायण गोस्वामी महाराज द्वारा प्रदत्त हरिकथा

इस लघु पुस्तिकाका उद्देश्य उन महान् ऋषि-मुनियोंकी वाणीको प्रस्तुत करना है, जिन्होंने प्राचीन भारतीय शास्त्रों अर्थात् वेदोंमें वर्णित 'परम सत्य' का साक्षात्कार कर लिया है। वेद शब्दका शाब्दिक अर्थ है 'इस जगत् एवं आध्यात्मिक जगत्से सम्बन्धित साधारण और असाधारण सभी विषयोंका ज्ञान।' वेदादि शास्त्रोंकी रचना हजारों वर्ष पूर्व श्रीवेदव्यासजी एवं अन्यान्य उन सिद्ध महापुरुषों के द्वारा की गयी थी, जिनका हृदय जगत्में दुःख भोग रहे जीवोंके प्रति करूणासे द्रवित हो रहा था। ऐसे सिद्ध महापुरुषोंको परम सत्य एवं जीवनके वास्तविक उद्देश्यका विशुद्ध ज्ञान होता है। यह 'दिव्य-प्रेमकी विधि' नामक लघु पुस्तिका एक ऐसे ही सिद्ध महापुरुष परमाराध्यतम् श्रीश्रीमद्भक्तिवेदान्त नारायण गोस्वामी महाराजजीके प्रवचनोंका प्रतिलेखन है, जिन्होंने बिना किसी हेतु और स्वार्थके अपना जीवन दूसरोंको वास्तविक एवं नित्य सुख प्रदान करनेके लिए समर्पित कर दिया है।

विषय -सूची: प्रस्तावना, अनुचित स्थानपर लगा प्रेम, हम सभी एक ही परिवारके सदस्य, अनेकतामें एकता, सभी जीवोंसे प्रेम करो, प्रेमका रूप, इस जगत्में हमारी वास्तविक स्थिति, सुखका अनुसन्धान, एक उत्तम प्रश्न, सुख प्राप्तिका मार्ग, दिव्य-प्रेमका मन्त्र, श्रील भक्तिवेदान्त नारायण गोस्वामी महाराजका संक्षिप्त परिचय ।

Based on lectures by Bhaktivedanta Narayana Gosvami Maharaja

"To make your life successful, happy and peaceful, try to give all your love and affection to God, Krsna. Show that love to all beings, and try to engage your entire being in helping them. One who comes to others with love has nothing to take, but everything to give.” In this booklet Sri Srimad Bhaktivedanta Narayana Gosvami Maharaja explains the process to realize that selfless love.

TITLE: भगवत्-प्रेम की विधि (Bhagavat Prem ki Vidhi - Hindi)
AUTHOR: Srimad Bhaktivedanta Narayana Gosvami Maharaja
PUBLISHER: Gaudiya Vedanta Prakashan
EDITION: Second Revised Edition, 2013
BINDING: Paperback 
PAGES and SIZE: 30, 7" X 5", Illustrated
SHIPPING WEIGHT: 150 grams
FREE SHIPPING WITHIN INDIA

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प्रेमके वास्तविक अर्थ एवं परमार्थके सारको निर्देश करनेवाली पुस्तिका 

A booklet on the real meaning of love, the essence of true spirituality

  • Author: Srimad Bhaktivedanta Narayana Gosvami Maharaja
  • Publisher: 2013, Gaudiya Vedanta Prakashan
  • Binding: Paperback
  • Pages: 30, Illustrated
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