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श्रीमद्भगवद्गीता सार (Srimad Bhagavad Gita Sar - Hindi)

श्रीमत्कृष्णद्वैपायन-वेदव्यास द्वारा विरचित श्रीमद्भगवद्गीता

श्रीश्रीमद्भक्तिवेदान्त नारायण गोस्वामी महाराजजी के श्रीमुख निःसृत अमृतमयी वाणी तथा उनके द्वारा सम्पादित ग्रन्थोसे सङ्कलित

  • Author: Srimad Krishna Dvaipayana Veda Vyasa
  • Based on Lectures and Books by Bhaktivedanta Narayana Gosvami Maharaja
  • Publisher: 2020, Gaudiya Vedanta Publications
  • Binding: Paperback
  • Pages: 60, Illustrated

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Binding Paperback
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। श्रीश्रीगुरु-गौराङ्गौ जयतः।

श्रीमद्भगवद्गीता सार

श्रीगौड़ीय वेदान्त समिति एवं तदन्तर्गत भारतव्यापी
श्रीगौड़ीय मठोंके प्रतिष्ठाता, श्रीकृष्णचैतन्याम्नाय
दशमाधस्तनवर श्रीगौड़ीयाचार्य केशरी
ॐविष्णुपाद अष्टोत्तरशतश्री श्रीमद्भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराजजी
के अनुगृहीत
श्रीश्रीमद्भक्तिवेदान्त नारायण गोस्वामी महाराज
के श्रीमुख निःसृत अमृतमयी वाणी तथा उनके द्वारा सम्पादित ग्रन्थोसे सङ्कलित

श्रीमद्भगवद्गीताको गीतोपनिषद् भी कहा जाता है। यह समग्र वैदिक ज्ञानका सार है और वैदिक साहित्यका सर्वाधिक महत्वपूर्ण उपनिषद् है। जो लोग साधु-गुरु-वैष्णवोंका चरणाश्रयकर श्रद्धापूर्वक इस ग्रन्थका अनुशीलन करेंगे, वे अनायास ही यथार्थ तात्पर्य अनुधावन कर सकेंगे और वे सहज-सरल रूपमें भवसागरको पारकर श्रीकृष्णके चरणकमलोंमें पराभक्ति लाभकर कृष्ण-प्रेमके अधिकारी बन सकेंगे, इसमें तनिक भी सन्देह नहीं है।

विषय-सूची: प्रस्तावना, प्रथम परिच्छेद (महाभारत युद्धकी पृष्ठभूमि, गीता, अर्जुनका मोह और गीताका साधारण उपदेश), द्वितीय परिच्छेद (कर्मयोग, ज्ञानयोग, कर्मसंन्यासयोग, ध्यानयोग, भक्तियोग), तृतीय परिच्छेद (गुह्य उपदेश, गुह्यतर उपदेश, गुह्यतम उपदेश, सर्वगुह्यतम उपदेश, मां नमस्कुरु, मद्याजी), चतुर्थ परिच्छेद (मद्भक्तो, बिल्वमङ्गल ठाकुर, ब्राह्मण अर्जुन मिश्र, भक्ति-वैधी और रागानुगा, श्रीरघुनाथदास गोस्वामी), पञ्चम परिच्छेद (मन्मना भव, व्रजकी नवेली वधु)

This is a summary work examining the verse "Absorb your mind and heart in Me, become My devotee, worship Me, offer your obeisances to Me, and certainly you will come to Me.", the essence of the Bhagavad-gita. This brief publication offers vivid illustrations of the practical application of this verse with many pastimes of Krishna and our great saintly predecessors.

TITLE: Shrimad Bhagavad Gita Saar - Hindi
AUTHOR: Srimad Krishna Dvaipayana VedaVyasa
Based on Lectures and Books by Bhaktivedanta Narayana Gosvami Maharaja
PUBLISHER: Gaudiya Vedanta Publications
EDITION: Sixth, 2020
PAGES: 60, Illustrated
SHIPPING WEIGHT: 200 grams

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श्रीमद्भगवद्गीता सार (Srimad Bhagavad Gita Sar - Hindi)

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श्रीमत्कृष्णद्वैपायन-वेदव्यास द्वारा विरचित श्रीमद्भगवद्गीता

श्रीश्रीमद्भक्तिवेदान्त नारायण गोस्वामी महाराजजी के श्रीमुख निःसृत अमृतमयी वाणी तथा उनके द्वारा सम्पादित ग्रन्थोसे सङ्कलित

  • Author: Srimad Krishna Dvaipayana Veda Vyasa
  • Based on Lectures and Books by Bhaktivedanta Narayana Gosvami Maharaja
  • Publisher: 2020, Gaudiya Vedanta Publications
  • Binding: Paperback
  • Pages: 60, Illustrated

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