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श्रीउपदेशामृत (Sri Upadesamrta - Hindi)

The Ambrosial Advice of Sri Rupa Goswami

श्रीमद् रूप गोस्वामी विरचित 

श्रीश्रीमद्भक्तिवेदान्त नारायण गोस्वामी महाराज

  • Author: Sri Rupa Goswami
  • Hindi Translated and Commentary by Bhaktivedanta Narayana Gosvami Maharaja
  • Binding: SoftBound
  • Pages: 224
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श्रीउपदेशामृत

श्रीमद् रूप गोस्वामी विरचित 

मूल श्लोक, अन्वय, श्लोकार्थ, श्रीराधारमणदास गोस्वामी कृत
श्रीउपदेश-प्रकाशिका टीका, टीकाका भावार्थ; श्रीसच्चिदानन्द
भक्तिविनोद ठाकुर कृत पीयूषवर्षिणी-वृत्ति एवं श्रीभक्तिसिद्धान्त
सरस्वती गोस्वामी ‘प्रभुपाद’ कृत अनुवृत्ति संवलित

श्रीगौड़ीय वेदान्त समिति एवं तदन्तर्गत भारतव्यापी
श्रीगौड़ीय मठोंके प्रतिष्ठाता, श्रीकृष्णचैतन्याम्नाय दशमाधस्तनवर श्रीगौड़ीयाचार्य केशरी ॐ विष्णुपाद अष्टोत्तरशतश्री
श्रीमद्भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराजके
अनुगृहीत

श्रीश्रीमद्भक्तिवेदान्त नारायण गोस्वामी महाराज

द्वारा अनुवादित एवं सम्पादित 

श्रीरूपानुग गौड़ीय वैष्णव-सम्प्रदायमें ‘श्रीउपदेशामृत’ का बड़ा समादर है। श्रीरूप गोस्वामीने अनर्पितचर उन्नातोज्ज्वल श्रीकृष्णप्रेम-प्रदाता, श्रीकृष्णनामस‌‍ङ्कीर्त्तनके मूल प्रवर्त्तक, श्रीराधाभावकान्तिसे देदीप्यमान श्रीकृष्णचैतन्य महाप्रभुके उपदेश-सिन्धुका मन्थन करके सार-स्वरूप इस ‘उपदेशामृत’ का जीवमात्रके कल्याणके लिए प्रकाशन किया है। भक्ति-साधकोंके लिए उपदेशामृतके उपदेशसमूह अपरिहार्य हैं। इन उपदेशोंके पालन किये बिना विमल भक्तिराज्यमें, विशेषतः दुर्ज्ञेय रागानुग भक्तिमार्गमें प्रवेश पाना कठिन ही नहीं, असम्भव है।

Sri Upadesamrta by Srila Rupa Gosvami gives instructions indispensable for practitioners (sadhakas) of the devotional path (bhakti). Without following these instructions, entering the realm of pure devotion and especially following the intricate and elevated path of spontaneous devotion (raganuga-bhakti) is not only difficult, but impossible. This unprecedented edition contains the commentaries of Srila Radha-ramana dasa Gosvami, Srila Bhaktivinoda Thakura and Srila Bhaktisiddhanta Sarasvati Gosvami Prabhupada.

TITLE: Sri Upadesamrta 
AUTHOR: Sri Rupa Goswami
EDITOR: Srimad Bhaktivedanta Narayana Gosvami Maharaja
PUBLISHER: Gaudiya Vedanta Prakashan
EDITION: Fourth, 2009
BINDING: SoftCover
Pages and Size : 224,  8" X 5.5"
SHIPPING WEIGHT: 400 grams
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श्रीमद् रूप गोस्वामी विरचित 

श्रीश्रीमद्भक्तिवेदान्त नारायण गोस्वामी महाराज

  • Author: Sri Rupa Goswami
  • Hindi Translated and Commentary by Bhaktivedanta Narayana Gosvami Maharaja
  • Binding: SoftBound
  • Pages: 224
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