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श्रीश्रीराधाकृष्णगणोद्देश-दीपिका (Sri-Sri-Radha-Krsna-Ganodesh-Dipika - Hindi)

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श्रीश्रीराधाकृष्णगणोद्देश-दीपिका  (Sri-Sri-Radha-Krsna-Ganodesh-Dipika - Hindi)

The Lamp that Illuminates Sri Radha-Krishna's Dear Associates

श्रीश्रीलरूप गोस्वामी प्रणीत

श्रीश्रीमद्भक्तिवेदान्त नारायण गोस्वामी महाराज

  • Author: Sri Rupa Goswami
  • Hindi Translated and Commentary by Bhaktivedanta Narayana Gosvami Maharaja
  • Publisher: 2007, Gaudiya Vedanta Publications
  • Binding: SoftBound
  • Pages: 144
  • FREE SHIPPING WITHIN INDIA

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श्रीमद् रूप गोस्वामी प्रणीत

श्रीश्रीराधाकृष्णगणोद्देश-दीपिका  (Sri-Sri-Radha-Krishna-Ganoddesha-Dipika - Hindi)

The Lamp that Illuminates Sri Radha-Krishna's Dear Associates

श्रीगौड़ीय वेदान्त समिति एवं तदन्तर्गत भारतव्यापी श्रीगौड़ीय मठोंके
प्रतिष्ठाता, श्रीकृष्णचैतन्याम्नाय दशमाधस्तनवर
श्रीगौड़ीयाचार्य केशरी नित्यलीलाप्रविष्ट
ॐ विष्णुपाद अष्टोत्तरशत श्री
श्रीमद्भक्तिप्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराजके
अनुगृहीत
त्रिदण्डिस्वामी श्रीमद्भक्तिवेदान्त नारायण गोस्वामी महाराज
द्वारा अनुवादित एवं सम्पादित

श्रीचैतन्य मनोऽभीष्ट संस्थापक श्रील रूप गोस्वामीने अपने परम मधुर स्वभाववशतः इस ग्रन्थके बृहद् भागमें वात्सल्य और मधुर रसके परिकरों तथा लघु भागमें सख्य और दास्य रसके परिकरोंके नाम, रूप, गुण और सेवा-परिपाटीका संक्षिप्त, किन्तु मार्मिक वर्णन प्रस्तुत किया है। ग्रन्थमें कहीं-कहीं, विशेष करके लघु भागमें श्रीश्रीराधागोविन्दके रूप, अङ्ग-प्रत्यङ्ग, उनके शृङ्गार तथा उनके द्वारा व्यवहृत अद्भुत वस्तुओंका बहुत बारीकीसे वर्णन किया गया है। श्रीकृष्ण एवं उनके परिकरोंका ये सब परिचय एक साथ किसी भी दूसरे ग्रन्थमें उपलब्ध नहीं है। श्रीश्रीराधाकृष्णके गणों अर्थात् परिकरोंका संक्षिप्त रूपसे निदर्शन करानेवाला होनेके कारण इसका नाम श्रीश्रीराधाकृष्णगणोद्देश-दीपिका है।

In this book Srila Rupa Gosvami has given a brief yet vital description of the names, forms, qualities and different services of Sri Radha's and Sri Krsna's cherished companions. In the Brhad-bhaga, or first part, of this composition, he describes those in vatsalya-rasa and madhura-rasa, and in the Laghu-bhaga, or second part, he describes those in sakhya-rasa and dasya-rasa. Sometimes, especially in the second part, he depicts in detail the beautiful forms of Sri Radha and Sri Govinda, as well as Their bodily limbs, Their ornaments and the astonishing paraphernalia used by Them. Such a comprehensive description of Sri Krsna and His companions will not be found in any other single scripture.

TITLE: Sri-Radha-Krsna-Ganodesh-Dipika

AUTHOR: Sri Rupa Goswami

Editor: Srimad Bhaktivedanta Narayana Gosvami Maharaja

PUBLISHER: Gaudiya Vedanta Publications.

EDITION: First, 2007.

BINDING: SoftCover

Pages and Size : 144,  8" X 5.5"

SHIPPING WEIGHT: 350 grams.

FREE SHIPPING WITHIN INDIA.